एक घटना, दो पहलू
एक घटना, दो पहलू
यह कहानी है दो जुड़वां बहनों सीता और गीता की। दोनों में मात्र दस मिनट का अंतर था। एक किसान दंपति के घर दोनों का जन्म हुआ। गांव के माहौल में पली बढ़ी सीता और गीता वहीं के सरकारी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने लगीं। उच्च प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उनकी शिक्षा की गति रुक गई क्योंकि आगे की पढ़ाई के लिए बाहर भेजना उनके घर वालों के वश में नहीं था। दोनों ही पढ़ाई में बहुत होशियार थीं लेकिन परिस्थितियों अनुकूल नहीं थीं।
समय पंख लगा कर उड़ने लगा। कुछ समय पश्चात सीता और गीता की शादी की चर्चा होने लगी। दोनों हम उम्र होने के कारण उनके माता-पिता ने दोनों की शादी भी एक साथ करने का निर्णय लिया। दोनों का रिश्ता अलग-अलग घर में तय हुआ। सीता की बारात साजनपुर से तथा गीता की बारात माखनपुर से आने वाली थी।
आज दोनों की विदाई की वेला भी आ गई। किसान दंपति ने अपनी क्षमता के अनुसार दोनों बेटियों की शादी की व्यवस्था की।
दोनों बहनें अपने-अपने ससुराल में शादीशुदा जीवन जीने लगीं। सीता का पति रमेश एक समझदार, पढ़ा लिखा व्यक्ति था। शिक्षा उसके लिए बहुत महत्वपूर्ण थी। उसने सीता से अपनी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा पूछी। सीता की तो मानो मनचाही मुराद पूरी हो गई। फिर क्या था सास, ससुर, पति के सहयोग से उसने अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की और कठिन मेहनत करके सरकारी नौकरी पर लगकर आराम से अपना जीवन यापन करने लगी।
वहीं दूसरी ओर गीता का पति महेश एक शराबी निकला। वह रोज शराब पीकर आता और घर में गाली गलौज कर कलह मचाता। गीता का जीना दूभर हो गया था। वह आए दिन पति की प्रताड़ना से दु:खी हो गई थी। उसके सास, ससुर भी उसे ही कोसते की तू ही कर्म जली जब से इस घर में आई है, घर का सुख चैन ही उजड़ गया। अब गीता के लिए इस घर में रहना एक पल भी गवारा न था। कई बार उसने आत्महत्या करने की भी कोशिश की। यह बात जब उसके घर वालों तक पहुंची तो उसके बाबा तुरंत उसे लेने आ गए और अपने साथ घर ले गए अब वह अपनी मां के कार्यों में हाथ बंटाती, गांव की महिलाओं को आखर ज्ञान देती, साथ ही उन्हें आत्म निर्भर बनाने के लिए समूह योजना का नेतृत्व भी करती। इन सब के बाद भी अपनी वैवाहिक जिंदगी की असफलता का दु:ख कहीं ना कहीं उसे टीस दे जाता।
रचनाकार
सुनीता मीणा
उपप्राचार्य और
स्थानीय सम्पादिका
उलझन सुलझन (महिला प्रकोष्ठ)
सवाई माधोपुर (राजस्थान)
सुनिता मीना
उपप्राचार्य
सवाई माधोपुर (राज.)

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