मिनी ममता की सीमा, साहस की मिसाल

 कहानी 

"मिनी ममता की सीमा, साहस की मिसाल"

ममता के गलियारों में…

केरल के कोझीकोड में एक मध्यमवर्गीय परिवार की माँ थी मिनी, जिसकी आँखों में बेटे राहुल के लिए वही सपने थे जो हर माँ देखती है - पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बने, खुश रहे, अपना नाम कमाए। लेकिन राहुल की आँखों ने इन सपनों के बजाय किसी और धुएँ को अपनाया था - नशे का धुआँ।

राहुल ने 13 वर्ष की आयु में ड्रग्स का सेवन शुरू किया, और मिनी को इसका अहसास तब हुआ जब वह 18 का हो चुका था- जब घर में अचानक चीजें गायब होने लगीं, जब उसके स्वभाव में उग्रता आने लगी, जब उसका भविष्य गुम होता दिखा।

ममता ने की कोशिशें…

मिनी ने अपने बेटे को हर संभव तरीके से बचाने का प्रयास किया।डॉक्टरों के पास ले गई, नशामुक्ति केंद्र भेजा, पूजा-पाठ करवाए, खुद उपवास किए और हर बार जब बेटे ने आँखों में आँसू भरकर कहा -"अम्मा, अब नहीं करूंगा…"तो मिनी का दिल पिघल जाता। लेकिन सुधार अस्थायी था, और नशे की लत – एक स्थायी दैत्य।

एक माँ और एक माँ की असहायता…राहुल अब हिंसक हो चुका था। उसने एक बार पैसे माँगे और ना मिलने पर घर में तोड़फोड़ की। एक मासूम बच्चे को काट खाया और फिर... अपनी माँ को ही धमकी देने लगा - "तुम्हें और सबको खत्म कर दूँगा!"

मिनी की आँखों से आँसू बह रहे थे, लेकिन मन अब पिघल नहीं रहा था। उसने पहली बार उस 'माँ' से हटकर सोचा, जो सिर्फ ममता से नहीं, कर्तव्य और साहस से भी बनी होती है। पत्थर जैसा मन…मिनी ने पुलिस को फोन किया।

"आइए... मेरे बेटे को ले जाइए। वह अब मेरे नियंत्रण में नहीं है।"

पुलिसकर्मी चौंके — "क्या आप सुनिश्चित हैं, मैडम? वह आपका बेटा है।"

मिनी की आँखें नम थीं, पर आवाज़ दृढ़ —"हाँ। वह मेरा बेटा है, लेकिन अगर मैंने आज ममता का त्याग न किया, तो मेरा परिवार नहीं बचेगा।"

राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया।

 माँ फिर माँ बनी…

जब राहुल जेल से फोन कर बोला -"अम्मा... मुझे माफ कर दो… इस बार सच में सुधर जाऊँगा…"तो मिनी का दिल एक पल को हिल गया।लेकिन उसने यह कहकर फोन काट दिया —"राहुल, अब माफी नहीं… अब तुम्हें खुद को साबित करना होगा।"

सभी कहने लगे,देखो एक माँ, अनेक रूप… एक माँ सिर्फ आँचल नहीं होती —

वह कवच होती है, नीति होती है, साहस होती है। जो अपनी ममता को भी त्याग सकती है यदि वह परिवार की सुरक्षा के मार्ग में बाधा बन जाए।

धन्य है।

रचनाकार

डाॅ. छाया शर्मा, 

स्थानीय संपादिका

उलझन सुलझन (लेडीज विंग) 

अजमेर, राजस्थान

प्रस्तुति



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